कुछ भी बनाने के लिए मेरा पूरा Agentic Coding वर्कफ़्लो (बिना किसी फालतू या जटिल चीज़ के)

원제 · My COMPLETE Agentic Coding Workflow to Build Anything (No Fluff or Overengineering)

42:248분 읽기Cole Medin2026. 02. 23.컴퓨터/소프트웨어 · 창업/스타트업 · AI/미래기술

핵심 요약

यह वीडियो एक सरल, प्रभावी और दोहराने योग्य 'एजेंटिक कोडिंग वर्कफ़्लो' प्रदान करता है जो अत्यधिक जटिल फ्रेमवर्क के बजाय व्यक्तिगत नियंत्रण और व्यवस्थित प्लानिंग पर केंद्रित है।

하이라이트

  • कोडिंग एजेंट्स के लिए एक सरल और अपना बनाने योग्य 'एजेंटिक वर्कफ़्लो' का महत्व।

  • एजेंटिक कोडिंग के चार सुनहरे नियम: कॉन्टेक्स्ट मैनेजमेंट, कमांडिफिकेशन, सब-एजेंट्स का उपयोग और सिस्टम इवोल्यूशन माइंडसेट।

  • AI लेयर का निर्माण जिसमें PRD (Product Requirements Document), वैश्विक नियम और कस्टम कमांड्स शामिल हैं।

  • PIV लूप (Plan, Implement, Validate) का उपयोग करके व्यवस्थित तरीके से कोडिंग करना।

  • कॉन्टेक्स्ट की बचत के लिए हर नए चरण से पहले कॉन्टेक्स्ट को रीसेट करने की तकनीक।

  • भविष्य की गलतियों को रोकने के लिए रिग्रेशन टेस्टिंग और 'सिस्टम इवोल्यूशन' मानसिकता को अपनाना।

타임라인

  1. एजेंटिक कोडिंग फ्रेमवर्क का परिचय

    वीडियो की शुरुआत में कोडिंग एजेंट्स के साथ काम करने के लिए एक सरल और व्यक्तिगत फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर चर्चा की गई है। वक्ता बताते हैं कि बाज़ार में उपलब्ध कई फ्रेमवर्क 'ओवर-इंजीनियर्ड' हैं, जबकि डेवलपर्स को कुछ ऐसा चाहिए जिसे वे आसानी से अपना सकें। यहाँ 'ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट' पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका अर्थ है शून्य से कुछ नया बनाना। इस खंड में 'कॉन्टेक्स्ट मैनेजमेंट' को सबसे कीमती संसाधन के रूप में पेश किया गया है। इसके साथ ही, वक्ता आने वाले 'चार सुनहरे नियमों' और वर्कफ़्लो के दो मुख्य हिस्सों का संक्षिप्त विवरण देते हैं।

  2. AI लेयर और PRD का निर्माण

    इस भाग में 'AI लेयर' की अवधारणा को समझाया गया है, जो आपके कोड बेस की उन संपत्तियों का संग्रह है जिन्हें कोडिंग एजेंट कॉन्टेक्स्ट के रूप में उपयोग करता है। इसमें PRD (Product Requirements Document), वैश्विक नियम और पुन: प्रयोज्य कमांड्स शामिल हैं। वक्ता PRD को 'स्पेक' के रूप में परिभाषित करते हैं जो प्रोजेक्ट के शुरुआती दायरे को तय करता है। योजना बनाने में समय बिताना बाद में खराब कोड की हजारों लाइनों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। यहाँ सादगी पर जोर दिया गया है ताकि डेवलपर सिस्टम को अपनी ज़रूरतों के अनुसार विकसित कर सके।

  3. लाइव प्रोजेक्ट उदाहरण और स्पीच-टू-टेक्स्ट का उपयोग

    एक 'लिंक इन बायो' पेज बिल्डर (लिंक ट्री जैसा) बनाने का उदाहरण लेकर वर्कफ़्लो का प्रदर्शन किया गया है। विचारों को तेज़ी से दर्ज करने के लिए वक्ता 'Aqua Voice' जैसे स्पीच-टू-टेक्स्ट टूल का उपयोग करने की सलाह देते हैं क्योंकि यह टाइपिंग से कहीं तेज़ है। वे AI को एक 'ब्रेन डंप' देते हैं जिसमें टेक स्टैक (Next.js, Neon) और वांछित फीचर्स का विवरण होता है। इस प्रक्रिया में कोडिंग एजेंट को रिसर्च करने और सवाल पूछने के लिए निर्देश देना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य कोडिंग शुरू करने से पहले एजेंट की मान्यताओं और भ्रमों को कम करना है।

  4. मान्यताओं को कम करना और सब-एजेंट्स की भूमिका

    वक्ता समझाते हैं कि कोडिंग एजेंट के साथ काम करते समय सबसे बड़ी चुनौती उन 'मान्यताओं' (assumptions) को कम करना है जो एजेंट बना सकता है। वे Claude Code के 'आस्क यूजर क्वेश्चन' टूल की सराहना करते हैं जो बारीकियों को स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछता है। रिसर्च कार्यों के लिए सब-एजेंट्स का उपयोग करने की सिफारिश की गई है ताकि मुख्य कॉन्टेक्स्ट सुरक्षित और साफ रहे। इसे 'कॉन्टेक्स्ट आइसोलेशन' कहा जाता है, जहाँ केवल रिसर्च के निष्कर्षों को ही मुख्य एजेंट को दिया जाता है। वक्ता स्पष्ट करते हैं कि कार्यान्वयन (implementation) के लिए सब-एजेंट्स का उपयोग करना अक्सर भ्रम पैदा कर सकता है।

  5. PRD को कमांडिफाई करना और वैश्विक नियम सेट करना

    जब AI के सभी सवालों के जवाब दे दिए जाते हैं, तब एक संरचित PRD बनाने के लिए '/create PRD' कमांड का उपयोग किया जाता है। वक्ता 'कमांडिफिकेशन' के नियम पर जोर देते हैं—यदि कोई काम दो बार करना पड़े, तो उसका कमांड बना लें। PRD में प्रोजेक्ट का दायरा, डायरेक्टरी स्ट्रक्चर और काम के विभिन्न चरणों (phases) का स्पष्ट विवरण होता है। यह दस्तावेज़ भविष्य के सभी डेवलपमेंट के लिए आधार का काम करता है। इसके बाद, 'वैश्विक नियम' (global rules) फाइल बनाई जाती है जिसमें कोडिंग कन्वेंशन, टेस्टिंग और लॉगिंग रणनीतियाँ शामिल होती हैं।

  6. ऑन-डिमांड कॉन्टेक्स्ट और प्राइम कमांड

    इस अनुभाग में 'प्रगतिशील प्रकटीकरण' (progressive disclosure) की तकनीक साझा की गई है, जहाँ विशिष्ट जानकारी केवल ज़रूरत पड़ने पर ही लोड की जाती है। उदाहरण के लिए, फ्रंट-एंड के नियम केवल तब लोड होते हैं जब फ्रंट-एंड पर काम हो रहा हो। वक्ता अपने 'प्राइम' (/prime) कमांड का परिचय देते हैं, जिसे हर नए सत्र की शुरुआत में चलाया जाना चाहिए। यह कमांड एजेंट को कोड बेस एक्सप्लोर करने, गिट लॉग पढ़ने और मौजूदा स्थिति को समझने में मदद करता है। यह सुनिश्चित करता है कि कोडिंग शुरू करने से पहले एजेंट के पास प्रोजेक्ट का सटीक 'मेंटल मॉडल' हो।

  7. PIV लूप: प्लान, इम्प्लीमेंट, वैलिडेट

    PIV लूप कार्य के निष्पादन का मुख्य चक्र है: प्लान, इम्प्लीमेंट और वैलिडेट। पहले चरण में एक विस्तृत 'स्ट्रक्चर्ड प्लान' बनाया जाता है जिसमें विशिष्ट टास्क लिस्ट और 'वैलिडेट स्ट्रैटेजी' शामिल होती है। वक्ता बताते हैं कि कोड लिखने से पहले ही यह तय करना ज़रूरी है कि उसे टेस्ट कैसे किया जाएगा। कोडिंग का काम पूरी तरह से एजेंट को सौंपा जाता है, लेकिन इसे प्लानिंग और वैलिडेशन के बीच 'सैंडविच' किया जाता है। कॉन्टेक्स्ट की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्लानिंग के बाद और कोडिंग शुरू करने से पहले बातचीत को रीसेट करना एक महत्वपूर्ण कदम है।

  8. कार्यान्वयन, टेस्टिंग और सिस्टम इवोल्यूशन

    कोडिंग चरण के दौरान एजेंट एंड-टू-एंड टेस्टिंग करता है और ब्राउज़र ऑटोमेशन का उपयोग करके फीचर्स को सत्यापित करता है। वक्ता एनवायरनमेंट वेरिएबल्स (.env) को पहले ही सेट करने की चेतावनी देते हैं ताकि एजेंट मॉक टेस्टिंग में न फँसे। कोड बनने के बाद, एक लाइव डेमो दिखाया जाता है जहाँ लिंक बनाना, ड्रैग-एंड-ड्रॉप और सेविंग फीचर्स काम कर रहे हैं। 'स्लैश कमिट' (/commit) कमांड का उपयोग करके गिट हिस्ट्री को 'लॉन्ग-टर्म मेमोरी' के रूप में सुरक्षित किया जाता है। अंत में, रिग्रेशन टेस्टिंग के महत्व पर चर्चा की गई है ताकि नए फीचर्स पुराने काम को न बिगाड़ें।

  9. अंतिम विचार और निष्कर्ष

    वीडियो के अंतिम भाग में 'सिस्टम इवोल्यूशन माइंडसेट' पर चर्चा की गई है, जिसका अर्थ है हर बग या गलती को अपनी AI लेयर सुधारने के अवसर के रूप में देखना। वक्ता बाहरी टेस्टिंग टूल्स जैसे 'QA tech' का उदाहरण देते हैं जो AI एजेंटों का उपयोग करके ऐप का विश्लेषण करते हैं। यदि कोई स्टाइल या पैटर्न पसंद नहीं आता, तो उसे नियमों (Rules) में अपडेट किया जाता है ताकि वह गलती दोबारा न हो। यह वर्कफ़्लो समय के साथ और अधिक शक्तिशाली और विश्वसनीय होता जाता है। अंत में, वक्ता अपने अगले वीडियो और कोडिंग कोर्स के बारे में जानकारी देते हुए विदा लेते हैं।

설명

Building software from scratch with coding agents like Claude Code is one of the highest-leverage skills you can develop right now, but honestly most people seriously overcomplicate it. In this video I'll walk you through the complete greenfield AI coding workflow I use daily that is dead simple and super easy to use + evolve for yourself. This is the workflow that lets a single developer build production-grade software in hours instead of weeks. This is a longer video only because I am going through literally everything with you. The framework itself is simple to implement now! ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ If you want to take the validation phase to the next level, check out QA Tech - AI testing tool for QA automation and Shift-Left Testing. No test code to write, no selectors to maintain: https://qa.tech/ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ - If you want to dive even deeper into building reliable and repeatable systems for AI coding, check out the Dynamous Community and Agentic Coding Course: https://dynamous.ai/agentic-coding-course - GitHub repository with the build from this video and command/rules resources (see .claude/): https://github.com/coleam00/link-in-bio-page-builder ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 0:00 The Dead Simple Framework for AI Coding 2:28 Creating the AI Layer for Your Codebase 4:14 PRD Creation - The Ultimate Planning Tool 8:38 Subagents for Research 15:42 Global Rules and On Demand Context 20:50 The Prime Command 23:18 The PIV Loop Framework 31:40 Live Feature Implementation + Validation 34:53 Keeping Your Codebase Reliable 38:40 Evolve Your Coding Agent Over Time ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Join me as I push the limits of what is possible with AI. I'll be uploading videos weekly - at least every Wednesday at 7:00 PM CDT!

커뮤니티 글

모든 글 보기
이 영상에 대해 글쓰기